Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पेट में अलà¥à¤¸à¤° की बीमारी कà¥à¤¯à¤¾ होती हैं? जानिठइसके कारण, लकà¥à¤·à¤£ और उपचार के बारे में
पेट में कà¥à¤·à¤¤ या छाले होने को चिकितà¥à¤¸à¤•ीय à¤à¤¾à¤·à¤¾ में अलà¥à¤¸à¤° या पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° कहते हैं। पेट में गाढ़े तरल पदारà¥à¤¥ मà¥à¤¯à¥à¤•स की à¤à¤• चिकनी परत होती है, जो पेट की अनà¥à¤¦à¤°à¥‚नी परत को हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से बचाती है। इस à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की खासियत यह है कि जहां यह à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पाचन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठअहम होता है, वहीं शरीर के ऊतकों को नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤‚चाता है। इस à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और मà¥à¤¯à¥à¤•स परतों के बीच मेलजोल होता है। इस संतà¥à¤²à¤¨ के बिगड़ने पर ही पेट में छाले होते हैं।
सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ यह छाले आहार नली पेट और छोटी आंत के ऊपरी à¤à¤¾à¤— में होते हैं। पेट में अलà¥à¤¸à¤° को आमतौर पर गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° à¤à¥€ कहते है जो की पेट की परत पर होने वाले दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• फोड़े व घाव होते हैं। पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° आमतौर पर वो बीमारी होती है, जो बड़ी और छोटी आंतों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
पेट में अलà¥à¤¸à¤° होने के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
पेट में अलà¥à¤¸à¤° होने का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण पेट में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤† हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है यह पाचन रस पेट या छोटी आंत की दीवारों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं, तो अलà¥à¤¸à¤° बन जाता है और पेट में अलà¥à¤¸à¤° का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण à¤à¥€ पेट में अमà¥à¤² का बढ़ना होता है |
इसके दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हैं –
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ – इसे हेलिकोबैकà¥à¤Ÿà¤° पाइलोरी कहा जाता है। à¤à¤š. पाइलोरी से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अधिकांश लोगों को अलà¥à¤¸à¤° नहीं होता है, लेकिन दूसरों में, यह à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ा सकता है, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बलगम की परत को तोड़ सकता है, और पाचन तंतà¥à¤° को परेशान कर सकता है। जिससे अलà¥à¤¸à¤° होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती है विशेषजà¥à¤ž अब तक यह नहीं जान पाये है कि à¤à¤š. पाइलोरी संकà¥à¤°à¤®à¤£ कैसे फैलता है? यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ रोग है जो à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के पास आने से होता है, यह ख़राब à¤à¥‹à¤œà¤¨ और पानी से à¤à¥€ हो सकता है।
दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ – यदि आप अकà¥à¤¸à¤° और लंबे समय से à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ ले रहें हैं, तो आपको पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। यह à¤à¥€ सच है कि अनà¥à¤¯ नॉनसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¤² à¤à¤‚टी-इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ (NSAIDs) लेने से à¤à¥€ होता है। NSAIDs आपके शरीर को à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ रसायन बनाने से रोकते हैं, जो आपके पेट की छोटी दीवारों और पेट की छोटी आंत को à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से बचाने में मदद करता है। अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के दरà¥à¤¦ की दवाई,
जैसे -à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ ।
इसके अलावा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की कà¥à¤› साधारण आदतों के कारण à¤à¥€ पेट में अलà¥à¤¸à¤° होने की आशंका रहती है –
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत
नशे जैसे शराब या मारिजà¥à¤†à¤¨à¤¾ की लत (जिस खाने से पेट और सीने में जलन हो (à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फ़ूड) à¤à¤¸à¥‡ खाने का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करना)
मानसिक और शारीरक तनाव
अगर आप à¤à¥€ इन आदतों का शिकार हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छोड़ने की कोशिश करें। पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° होने के बाद इन आदतों के कारण सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकती है।
पेट में अलà¥à¤¸à¤° के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ कौनसे है?
पेट में अलà¥à¤¸à¤° होने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का आà¤à¤¾à¤¸ हो सकता है | यह सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ मरीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करते हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ पेट में अलà¥à¤¸à¤° से पीड़ित मरीज़ को आहार नली में जलन और दरà¥à¤¦ महसूस होता है। यह दरà¥à¤¦ खाली पेट की अवसà¥à¤¥à¤¾ में अधिक तीवà¥à¤° होता है, जो कि काफी लंबे अंतराल तक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को परेशान कर सकता है। पेट में अलà¥à¤¸à¤° का दरà¥à¤¦ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कà¥à¤› मिनटों से लेकर कई घंटों तक रहता है यानी यह मरीज की अवसà¥à¤¥à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है |
पेट में अलà¥à¤¸à¤° होने के लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨ हैं –
पेट में बिना किसी कारण दरà¥à¤¦ होना
उलà¥à¤Ÿà¥€ होना
पेट का फूलना
सीने में जलन
खून की कमी
गहरा मल आना
मल में खून आना
इस तरह के लकà¥à¤·à¤£ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने के साथ ही उसकी पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ कमजोर कर देते हैं |
अगर पेट में अलà¥à¤¸à¤° का समय रहते इलाज न करवाया जाठतो इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ पीड़ित को जान का à¤à¥€ नà¥à¤•सान संà¤à¤µ है। हालांकि पेट में अलà¥à¤¸à¤° का जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ परीकà¥à¤·à¤£ करवाने पर सही इलाज की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है और इसके बढ़ते पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को à¤à¥€ कम किया जा सकता है
पेट में अलà¥à¤¸à¤° का इलाज कैसे होता है?
पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° का इलाज छाले होने के कारण पर निरà¥à¤à¤° करता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤° को डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गई दवा से ठीक किया जा सकता है। हालांकि कà¥à¤› दà¥à¤²à¤°à¥à¤ मामलों में मरीज को सरà¥à¤œà¤°à¥€ की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
à¤à¤š.पाइलोरी के कारण होने वाले इस बीमारी का इलाज कà¥à¤› दवाइयों के मिशà¥à¤°à¤£ से किया जाता है।
à¤à¤‚टासिडà¥à¤¸ – à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बà¥à¤²à¥‰à¤•रà¥à¤¸ या पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤¨ पंप इनहिबिटर – अलà¥à¤¸à¤° की दवा के रूप में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 2 महीने या उससे अधिक समय तक लेने की सलाह अकà¥à¤¸à¤° दी जाती है। जिससे यह पेट में अमà¥à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने और पेट की परत को बचाने में सहायता करते हैं। ताकि अलà¥à¤¸à¤° ठीक होने में मदद हो सके।
यह बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है कि आप पेट में अलà¥à¤¸à¤° का सही इलाज करवाà¤à¤‚ अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ पेट की यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आगे चल के जानलेवा हो सकती है। अगर आपको पेट में अलसर के कारण बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की शिकायत है, तो हो सकता है की à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपी टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के लिठआपको कà¥à¤› समय असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में ही रहना पड़े।
| --------------------------- | --------------------------- |